लोकडाउन्न सुरू होने से और लोकडाउन्न ख़त्म होने तक किराया माफ़ किया और उनका कहना है कि जब दुकानदार दुकान नही खोल पाया और उसका कारोबार नही चल सका तो उससे किराया लेना न्याय हित में नही है इस वक़्त छोटे कारोबारियो की भरपूर मदद की जाए जिससे की वह समाज की मुख्य धारा से जुड़े रहे और वह अपने दुकानदारों के हितों के खातिर और उसके अपने परिवार का सदस्य मानते हुए उनके इस सुख दुख मै शामिल हों जीवन में धन कमाने के लिए या धन जमा करने के लिए बहुत सारे मोके आते हैं पर लोगो का दिल जीतने के मौके जीवन में कम ही आते हैं
शाहबाद से सम्बददाता
इक़बाल हुसैन अब्बासी की रिपोर्ट
No comments:
Post a Comment