भोर में चार बजे उन्हें जिला अस्पताल में दाखिल किया गया। देखने के बाद चिकित्सकों ने तीमरदार को यहां से तुंरत मरीज को ले जाने को कहा। कहा कि दूसरे जिले का मामला है। यहां क्यों लाए हो, हम क्यों इलाज करें। परेशान तीमरदार अब डीएम और अन्य अधिकारियों से इलाज के लिए गुहार लगाई। जिलाधिकारी एनपी सिंह के हस्तक्षेप के बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती किया गया।
चिकित्सकों का भगवान का रूप दिया गया है। कोरोना संक्रमण की स्थिति में विपरीत परिस्थितियों सेवा देने पर चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों का जगह-जगह कोरोना वारियर्स को रूप में सम्मान भी किया जा रहा है। वहीं, मंडलीय जिला अस्पताल की स्थिति इससे अलग है। बुधवार रात को जहां कोरोना संदिग्ध मरीज को भर्ती होने के लिए तीन घंटे इंतजार करना पड़ा वहीं, गुरुवार भोर में हादसे में घायल गोरखपुर के बढ़या निवासी बबलू निषाद के इलाज से ही इंकार कर दिया। कहा कि मरीज दूसरे जिले का हम क्यों भर्ती करें। यहां जगह नहीं ले जाए। परेशान मरीज का तीमारदार इलाज के लिए दरदर भटक रहा था। अमर उजाला को जानकारी मिलने के बाद मामले को जिलाधिकारी एनपी सिंह से अवगत कराया गया। उनके हस्तक्षेप के बाद मरीज को आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया।
चिकित्सकों का भगवान का रूप दिया गया है। कोरोना संक्रमण की स्थिति में विपरीत परिस्थितियों सेवा देने पर चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों का जगह-जगह कोरोना वारियर्स को रूप में सम्मान भी किया जा रहा है। वहीं, मंडलीय जिला अस्पताल की स्थिति इससे अलग है। बुधवार रात को जहां कोरोना संदिग्ध मरीज को भर्ती होने के लिए तीन घंटे इंतजार करना पड़ा वहीं, गुरुवार भोर में हादसे में घायल गोरखपुर के बढ़या निवासी बबलू निषाद के इलाज से ही इंकार कर दिया। कहा कि मरीज दूसरे जिले का हम क्यों भर्ती करें। यहां जगह नहीं ले जाए। परेशान मरीज का तीमारदार इलाज के लिए दरदर भटक रहा था। अमर उजाला को जानकारी मिलने के बाद मामले को जिलाधिकारी एनपी सिंह से अवगत कराया गया। उनके हस्तक्षेप के बाद मरीज को आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया।
आज़मगढ़ से सम्बददाता
शाहबेज खान की रिपोर्ट
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