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कोरोना वायरस से देश को बचाने के लिए महंत कर रहे है तपस्या|

कोरोना वायरस से देश को बचाने के लिए महंत कर रहे है तपस्या|


चिलचिताली धून में आग के धूनों के बीच बैठकर कर रहे तपस्या
देश को कोरोना जैसी महामारी से बचाने के लिए पलवल जिले के खण्ड हसनपुर के गांव रामगढ में एक महंत चिलचिलाती धूप में जलती आग के धूनों के बीच बैठकर तपस्या कर रहे हैं। महंत की यह तपस्या 41 दिनों तक चलेगी। आग के धूनों के बीच तपस्या कर रहे महंत की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण भी उनके दर्शनों के लिए गांव में पहुंच रहे हैं।

गांव रामगढ के वाल्मिीकी आश्रम के प्रांगण में महंत ओम ऋषि महाराज के शिष्य सती कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि महंत ओम ऋषि चारों तरफ गाय के गोबर से बने उपलों की ढेरियों में आग लगाकर उसके बीचोंबीच बैठकर कोरोना जैसी महामारी को देर से दूर करने के लिए दोपहर बारह बजे से ढाई बजे तक तपस्या करते हैं। उन्होंने बताया कि महंत की यह तपस्या मई से शुरू हुए है और यह पूरी 41 दिन की तपस्या दिनांक दिनांक 18-06-2020 तक जारी रहेगी|

 

लगभग तीन फुट के घेरे में महंत के चारों ओर उपले की पांच ढेरियां बनाकर उन ढेरियों में आग लगाई जाती है। ढेरियों में आग लगने के बाद महंत उनके बीच बैठकर तपस्या करते हैं। उन्होंने बताया कि बाबा की यह तपस्या कोरोना वायरस के खिलाफ है जिससे की देश को इस कोरोना वायरस के मुक्ति मिल सके। सतीश कुमार का कहा है कि तपस्या के दौरान महंत से कोई बातचीत नहीं कर सकता और ना ही कोई उसे घेरे में जा सकता है।

 

तपस्या के मध्य में महाराज के दर्शनों के लिए आसपास के गांवों से आने वाले महिला-पुरूष श्रद्धालू दूर से ही महाराज के दर्शन करके लौट जाते हैं। अग्नितप की देख-रेख में नानक महंत, सतीश कुमार छोंकर, सीताराम, गिर्राज, राजपाल मेम्बर, सुरेश बघेल हसनपुर, अमरचंद आदि देखभाल का कार्य संभालते हैं | इस मौके पर सोशल डिस्टेंडिंग का भी पूर्णतया ख्याल रखा जा रहा हैं |
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आग के धूनों के बीच बैठकर तपस्या करते महंत ओम ऋषि। 

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